छोड़ सकती हूँ मैं सारी
दौलत हे माँ ,
जो भी हूँ आज तेरी
बदौलत हूँ माँ ।
साथ तेरा मिला तेरी भक्ति मिली ,
थी अकेली चली तेरी शक्ति मिली ।
आज पूरी हुई सारी हसरत हे माँ ।
जो भी हूँ.................।
तन दिया धन दिया
मन ये सुंदर दिया ,
दर्द मेरे सभी तूने
माँ ले लिया ।
दे दिया मुझको दुनिया की
शोहरत हे माँ ,
जो भी हूँ...................।
अब यही आस बस साथ
तेरा रहे ,
जिंदगी में कभी ना
अंधेरा रहे ।
हर कदम पे मिले एक
दीपक हे माँ ,
जो भी हूँ...................।
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