तेरे रूप अनेक हैं मेरी माँ ,
नित देखूं मैं तेरी महिमा ।
तेरे रूप.............।
तूने संसार सजाया है ,
हर ओर तेरा ही साया है ।
मुझ में सब में बस तू ही माँ ,
तेरे रूप...............।
दुष्टों का तू संहार करे ,
भक्तों से माँ तू प्यार करे ।
मेरा भी करो उद्धार हे माँ ,
तेरे रूप...............।
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