छाँव आँचल की तेरी मुझे माँ मिले ,
फिर किसी रोज दीदार तेरा मिले ।
सारी दुनिया की खुशियां मिले ना मिले
बस सदा हाथ तेरा मेरे सिर रहे ।
मइया तेरा सहारा मिले बस मुझे ,
इस जमाने का कोई सहारा नहीं ।
रूठ जाये जमाना कोई ग़म नहीं ,
माँ तेरा रूठना है गँवारा नहीं ।
मइया तेरा..........।
डूब जाये ना नइया ये मझधार में ,
मइया पतवार मेरी तेरे हाथ में ।
आखिरी सांस है बस तेरी आस है ,
माँ बचा लो कहीं अब किनारा नहीं ।
मइया तेरा...........।
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