अरे बेटियों डरो नहीं
तुम रानी लक्ष्मीबाई हो ,
तुम्ही हो सीता तुम्ही हो शक्ति
वक्त पड़े महाकाली हो ।
मार गिराओ हैवानो को
जो तुमको पहुँचाते ठेस ,
नारी सबपे भारी है वो चाहे
तो जीते हर रेस ।
नहीं बनो कमजोर उठो अब
बन के दामिनी टूट पड़ो ,
मिलें कहीं जो लोग निर्दयी
होके निर्भया युध्द करो ।
व्यर्थ न हो कोई बलिदान
सबको है तुमपे अभिमान ,
करो जागृति बनो महान
सबका है तुमको वरदान ।
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