दुआ दो माँ कि जि़ंदगी में
वो मुकाम आए ,
चलूं जहाँ भी संग मेरे
तेरा नाम आए ।
न रोक पाए आंधियाँ भी
मेरी राहों को ,
गिरूं कभी तो थाम लेना
मेरी बाँहों को ।
हँसू कभी तो तेरे दिल को ,
भी करार आए ।
दुआ दो......।
तेरे आँचल की छाँव यूँ ही
ताउम्र मिले ,
बूंद बादल से गिरे मेरा
तन - मन ये खिले ।
हजार बार गुलिस्तां में
फिर बहार आए ।
दुआ दो.......।
जमीं हो मेरी , आसमां मेरे
कदमों में रहे ,
सितारे सारे तुझे छूके
मेरे दामन में सजे ।
सजे ये फिर से ज़िंदगी
जो माँ तुझे पाए ।
दुआ दो..........।
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