सदा रहना मेरे दिल में तू मेरी माँ,
नहीं जाना कभी मुझसे दूर मेरी माँ।
जबसे कदमों में तेरे मेरा सिर झुका,
दूर मुझसे मेरी माँ अ़ंधेरा हुआ।
मेरी भक्ति को करना कबूल मेरी माँ ,
नहीं जाना कभी.............।
मैंने पलकें बिछाई हैं तेरे लिए ,
सदा ज्योति जलाई है तेरे लिए।
तुम ज्योति को करना कबूल मेरी माँ ,
नहीं जाना कभी..............।
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