भक्त खड़े हैं तेरे द्वार मातारानिए,
भर दे तू सबका भंडार शेरावालिए।भक्त......
जो तेरे द्वारे जाये जो तुमको शीश झुकाए ,
बिन मांगे मुरादे सारी उसकी पूरी हो जाए।
कर दे तू उसका बेड़ा पार वैष्णोंवालिए। भक्त......
जिसका न हो कोई जग में माँ कहके तुम्हें पुकारे ,
सूझे न कोई रस्ता अंधेरों में खो जाए।
कर ले तू उसको स्वीकार पाटनवालिए। भक्त........
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