ऐ वतन कुर्बान है हर सांस अब तुझपे मेरी,
तुमसे ही पहचान है अब शान है तुझसे मेरी ।
ऐ वतन...........।
ये जो आजादी मिली हमको शहीदों के लहू से,
मांग कितनी लुट गयी बुझ गये दिये कितने घरों के।
आंच आने देंगे ना तुझपे कभी है कसम मेरी,
ऐ वतन...........।
दुश्मनों के वार सारे वतन तुम सहते रहे,
राजगुरु सुखदेव भगत से रतन तुम खोते रहे।
विश्व में महके तेरा गुलशन ना मुरझाये कभी,
ऐ वतन...........।
दिव्य है तेरी धरा जहाँ देव उतरे स्वर्ग से,
ज्ञान मिलता बाइबिल गीता कुरान गुरुग्रंथ से।
सीता सावित्री किरन बेदी हो हर बेटी तेरी,
ऐ वतन...........।
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