Thursday, 23 March 2017

ऐ वतन कुर्बान ( देश गीत )

वतन कुर्बान है हर सांस अब तुझपे मेरी,

तुमसे ही पहचान है अब शान है तुझसे  मेरी ।

वतन...........।

ये जो आजादी मिली हमको शहीदों के लहू से,

मांग कितनी लुट गयी बुझ गये दिये कितने घरों के।

आंच आने देंगे ना तुझपे कभी है कसम मेरी,

वतन...........।

दुश्मनों के वार सारे वतन तुम सहते रहे,

राजगुरु सुखदेव भगत से रतन तुम खोते रहे।

विश्व में महके तेरा गुलशन ना मुरझाये कभी,

वतन...........।

दिव्य है तेरी धरा जहाँ देव उतरे स्वर्ग से,

ज्ञान मिलता बाइबिल गीता कुरान गुरुग्रंथ से।

सीता सावित्री किरन बेदी हो हर बेटी तेरी,

वतन...........।

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