झूठा लगता है अब सारा संसार माँ ,
एक लगे सांचा बस तेरा दरबार माँ ।
हम छोड़ के घर - द्वार तेरे पास आये हैं ,
दे दो माँ दीदार तेरे द्वार आये हैं ।
हम छोड़ .........।
जो पास तेरे जाये खाली न लौट पाये ,
भर - भर के झोलियां माँ तू उसको देती जाये ।
इतना सुना जो नाम तेरा हम भी आये हैं ,
हम छोड़ ..........।
हमको हैं रोक लेते संसार के झमेले,
विनती यही है अब से अपनी शरण तू ले ले ,
चरणों में सिर झुकाने तेरे हम भी आये हैं ।
हम छोड़ ........।
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