करो माँ शारदे कल्याण
भर दो ज्ञान जीवन में,
करें अब नव युग का निर्माण
चले हम न्याय के पथ पे। करो माँ....
अंधेरा हर तरफ सूझे ना
अब जाऊँ कहाँ जाऊँ,
भरी अज्ञानता मुझमें
भँवर से कैसे बच पाऊँ।
दिखाओ ज्ञान की ज्योति,
करो उपकार माँ मुझपे। करो माँ.....
है युग विज्ञान का आया
है भौतिकता का रंग छाया,
स्वार्थ में सब रंगे अपने
ये सब तेरी ही तो माया।
बदल जाये भले ही युग,
माँ तेरा ज्ञान ना बदले। करो माँ....
तुम्हारे ज्ञान से ही माँ
सकल संसार चलता है,
विटप विज्ञान का तुमसे ही
फलता है सँवरता है।
मिटा दे हर अंधेरा यह धरा,
आलोक से भर दे। करो माँ....
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