माँ तुमने मुझे जनम
दिया क्यूं ,
इतनी बड़ी सजा दिया
क्यूं |
काश की अब तक छोटी
होती ,
तेरे पहलू में सोती
|
बेटी होते ही क्यूं
उसको ?
सजा सुनाई जाती है ,
होती है ज्यों बड़ी
तो क्यूं माँ
वो रुलाई जाती है |
एक तो तुझको खोने का
ही
दर्द सहा जाता था
नहीं,
अब तो तेरे जाने पर
तेरी कब्र भी गाली
पाती है |
माँ तू कहीं जनम ले
तो
तुझे बेटी न बनना
पड़े ,
बेटी बन भी जाना तो
बेटी को जनम न देना
कभी |
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