ये राह है काँटों
भरी, मेरी मंजिलें अभी दूर हैं |
गिरकर संभलना हैं
मुझे, अभी ख्वाहिशें मजबूर हैं,
ये राह है काँटों
भरी................
ऐ चाँद तू भी रूठकर,
मुझसे छिपा है क्यूँ बता,
सूरज जरा आ सामने,
तू ही बता मेरी खता |
खुशियाँ चुरा के
दर्द देना, कैसा ये दस्तूर है,
ये राह है काँटों
भरी.................
तकलीफ देती
मुश्किलें, पर क्या करूँ सहना है सब,
उम्मीद का दामन पकड़,
अंगारों पे चलना है अब |
दुनिया ख़फ़ा जिससे
हुई वो ही मशहूर हैं,
ये राह हैं काँटों
भरी.................
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