आंसुओं ने है तुझको
पुकारा,
राह तकते हैं नैन
तुम्हारा |
जिसका कोई नहीं इस
जहां में,
माँ ही होती है उसका
सहारा |
मैंने जब-जब तुझे है
पुकारा,
तूने तब-तब मुझे है
उबारा,
मैं अकेले में रोती
रही जब,
तूने आकर के मुझको
दुलारा |
आ भी जाओ माँ इक बार
फिर से,
सूना आँगन हुआ है
हमारा |
आज फिर से तुझे है
पुकारा,
कैसे पाऊँ मैं दामन
तुम्हारा |
क्या हुई भूल मुझसे
मेरी माँ,
किया तूने जो मुझसे
किनारा |
कोई ज्योति दिखाओ
जरा माँ,
हाथ छोड़ो नहीं अब
हमारा |
आंसुओं ने है तुझको
पुकारा,
राह तकते हैं नैन तुम्हारा
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