Friday, 20 March 2015

विद्या की बगिया


विद्या की इस बगिया के हम हैं बागबां,

इससे है पहचान हमारी ये हमारी जां – 2

हम हैं बागबां यहाँ के हम हैं बागबां – 2

विद्या की इस बगिया के हम हैं बागबां |


अलग-अलग फूल यहाँ, खुशबू अलग है सबकी,

रंग-बिरंगे फूलों से, ये फुलवारी महकी |

विद्या की इस बगिया के हम हैं बागबां |

रहे यही संकल्प सदा, फूल कोई न मुरझाए,

स्नेह ज्ञान से सिंचित होकर,

ये दुनिया को महकाए |

विद्या की इस बगिया के हम हैं बागबां |

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