बेटी की होती विदाई क्यों बाबुल,
बेटी क्यों होती पराई – 2
ऊँगली पकड़ जिसकी चलना सिखाया,
ऐसी दुलारी तुम्हारी थी बाबुल,
कैसे हुई फिर पराई |
बेटी की होती विदाई क्यों बाबुल,
बेटी क्यों होती पराई |
बगिया में तेरे खिली जो कली,
महकाने आँगन पराया चली |
तेरे ही दिल का टुकड़ा थी बाबुल,
क्यों मेरी कर दी विदाई |
बेटी की होती विदाई क्यों बाबुल,
बेटी क्यों होती पराई |
दौलत से बेटी को तौला है किसने,
ममता के आँचल को रौंदा है किसने – 2
किसने ये रीत बने है बाबुल,
मैके से होती जुदाई |
बेटी की होती विदाई क्यों बाबुल,
बेटी क्यों होती पराई |
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