Friday, 13 February 2015

नीना और रजनीश

‘नीना’ को ‘रजनीश’ मिले, जैसे ‘काजल’ नैनों में |

‘रौनक’ है छाई घर में, शादी की शुभघड़ियों में |

‘नव्या’नुभूति हुई मन में, बजे शहनाइयां आँगन में |

‘छोटी’ ‘बुलबुल’ की अभिलाषा,उड़-उड़ जाए दूर ‘क्षितिज’ में |
मधुर-मधुर मुस्कान से दुल्हन, देखे सबको घूँघट में |

ईश्वर की ‘महिमा’ से जोड़ी, रहे सदा दूल्हा-दुल्हन की |

खुशियों से महके उनकी बगिया, तो आये ‘तृप्ति’ ‘मंजू’ के मन में |

छोड़ के ‘वैभव’ मैके का, ‘स्नेहा’कुल बाबुल से दूर,
चली नववधु ‘सृष्टि’ रचने | 

  

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