पल-पल बदलते हैं
रिश्ते,
पल-पल बिखरते हैं
रिश्ते |
कभी धूप भी देते हैं
रिश्ते,
कभी छाँव भी देते
हैं रिश्ते |
कभी दर्द भी देते
हैं रिश्ते,
कभी घाव भी भरते हैं
रिश्ते |
कभी पास भी होते हैं
रिश्ते,
कभी दूर भी होते हैं
रिश्ते |
कभी फूल भी बनते हैं
रिश्ते,
कभी शूल भी बनते हैं
रिश्ते |
भगवान बनाते हैं
रिश्ते,
इंसान मिटाते हैं
रिश्ते |
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