झूला डाले नन्द किशोर
झूलन आईं राधा रानी ,
मधुबन में मच गई शोर
झूलन आईं.............।
राधा झूलें श्याम झुलावें
मंद - मंद मुस्कावें ,
बड़भागी * मंजू * जो उनकी
लीला प्रेम से गावें ।
छाई श्याम घटा घनघोर
झूलन आईं.............।
धन्य है वो यमुना का तट
जहाँ श्याम की गइया चरती ,
पावन है वो वृंदावन
जहाँ मधुर मुरलिया बजती ।
लीला रचें नित्य चितचोर ,
झूलन आईं..............।
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