तेरी ज्योति जले दिन रात ,
मइया जी मन मंदिर में- 2 ....।
कहीं अब दिल न लगे मेरा ,
जबसे दीदार हुआ तेरा ।
तेरी झलक दिखे दिन रात ,
म इया जी............।
दिल में बस गई मूरत तेरी
हो गई बावरिया ,
जहाँ भी जाऊँ तू ही तू
ना सूझे डगरिया ।
तेरी कृपा रहे दिन रात ,
मइया जी.............।
कबसे हसरत है तेरे दर्शन की ,
नहीं सुध बुध है तन मन की ।
करे ' मंजू ' भजन दिन रात ,
मइया जी..............।
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