दो पल की है ये ज़िंदगी
जी लूं जरा- जी लूं जरा,
कब रूठ जाये क्या है पता
जी लूं जरा- जी लूं जरा।
दो पल........।
अहसास कुछ भी अब रह न जाये,
अरमान सारे पूरे हो जाये।
चुप ना रहूं कह लूं जरा,
जी लूं जरा- जी लूं जरा।
दो पल........।
थी धूप सी जो ज़िंदगी,
अब छाँव भी वो दे रही।
दिल में है जो गा लूं जरा,
जी लूं जरा- जी लूं जरा।
दो पल........।
महकी फ़िजा है बहकी हवा है,
कल तक न था जो अब वो हुआ है।
सारे सितारे छू लूं जरा,
जी लूं जरा- जी लूं जरा।
दो पल.........।
मुझको मिली है जो खूशी,
होठों पे है ये जो हँसी।
कब छूट जाये क्या है पता,
जी लूं जरा - जी लूं जरा।
दो पल.........।
Tuesday, 14 March 2017
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