मइया तेरी ज्योति
जलाऊँ दिन-रात -2
मेरे घर आओ मनाऊँ
दिन–रात,
मइया तेरी ज्योति
जलाऊँ दिन-रात |
तू कहे तो दीप बनूँ
माँ,
तू कहे तो बन जाऊं
बाती |
लिख-लिख भेजा तुझको
पाती,
कितना पुकारूँ क्यूं
नहीं आती |
मइया तेरा कलश
धराऊँ दिन-रात,
मेरे घर आओ मनाऊँ
दिन-रात |
मइया तेरी ज्योति
जलाऊँ दिन-रात,
मुझको दुनिया के
मेले,
भाये नहीं अब लगें
झमेले |
जबसे तुझमें ध्यान
लगा माँ,
रहना चाहूँ मैं तो
अकेले |
मइया तेरा हवन
कराऊँ दिन-रात,
मेरे घर आओ मनाऊँ
दिन-रात |
मइया तेरे उज्जवल नैना,
ले गये ‘मंजू’ के चैना,
जबसे तू मेरे साथ है
मइया |
नहीं पता मुझे दिन व
रैना,
मइया तेरा भजन मैं
गाऊँ दिन-रात |
मेरे घर आओ मनाऊँ
दिन-रात,
मइया तेरी ज्योति
जलाऊँ दिन-रात,
मेरे घर आओ मनाऊँ
दिन-रात |
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