मन हो गया दीया
बाती,
माँ की महा आरती हो
रही |
जगमग–जगमग दीप जलाएं,
सब मिल के आरती करें
|
माँ को अपना दर्द
सुनाएँ,
माँ से बस विनती
करें |
माँ भक्तों के कष्ट
मिटाती,
माँ की महा आरती हो
रही |
बड़े ही हैं सौभाग्य
हमारे,
जो माँ घर आँगन आईं
|
बिगड़े सारे काम
बनाने,
जो माँ खुद चल के आई
|
माँ भक्तों के भाग्य
सँवारती,
माँ की महा आरती हो
रही |
No comments:
Post a Comment